Gurugram News: गुरुग्राम में सामने आया दुर्लभ मामला, 30 दिन की बच्ची के पेट में मिले जुड़वां भ्रूण
डॉक्टरों की टीम ने तुरंत बच्ची की सर्जरी करने का फैसला किया। एक सफल और जटिल ऑपरेशन के बाद, डॉक्टरों ने दोनों परजीवी भ्रूणों को सुरक्षित रूप से बाहर निकाल दिया। फिलहाल, बच्ची पूरी तरह से स्वस्थ है और उसकी रिकवरी तेजी से हो रही है।

Gurugram News: गुरुग्राम के फोर्टिस मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट में डॉक्टरों ने एक बहुत ही दुर्लभ चिकित्सा मामला सुलझाया है, जहाँ एक 30 दिन की नवजात बच्ची के पेट में दो जुड़वां भ्रूण पल रहे थे। इस दुर्लभ स्थिति को ‘फीटस इन फीटू’ (Fetus in fetu) कहा जाता है, जो दुनिया भर में लगभग 5 लाख जीवित जन्मों में से किसी एक में ही देखी जाती है।
अस्पताल में पीडियाट्रिक सर्जरी के विशेषज्ञ डॉ. आनंद सिन्हा ने बताया कि बच्ची को लगातार पेट में सूजन, चिड़चिड़ापन और दूध पीने में दिक्कत की शिकायत के साथ लाया गया था। प्रारंभिक जाँच में पेट के अल्ट्रासाउंड और सीटी स्कैन के जरिए यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि बच्ची के पेट के अंदर दो विकृत भ्रूण मौजूद थे।

डॉ. सिन्हा ने समझाया कि यह स्थिति गर्भावस्था के शुरुआती चरण में तब होती है, जब एक भ्रूण अपने जुड़वां को पूरी तरह से घेर लेता है। यह घिरा हुआ परजीवी भ्रूण न तो विकसित हो पाता है और न ही जीवित रह पाता है। इस मामले में, दोनों परजीवी भ्रूण एक ही थैली में बंद थे, जो इस केस को और भी अधिक दुर्लभ बनाता है।
डॉक्टरों की टीम ने तुरंत बच्ची की सर्जरी करने का फैसला किया। एक सफल और जटिल ऑपरेशन के बाद, डॉक्टरों ने दोनों परजीवी भ्रूणों को सुरक्षित रूप से बाहर निकाल दिया। फिलहाल, बच्ची पूरी तरह से स्वस्थ है और उसकी रिकवरी तेजी से हो रही है।

यह मामला केवल चिकित्सा जगत में ही नहीं, बल्कि आम जनता के बीच भी कौतूहल का विषय बना हुआ है। डॉक्टरों ने इसे एक बड़ी उपलब्धि बताया है, जो उनकी विशेषज्ञता और आधुनिक चिकित्सा तकनीकों का प्रमाण है। यह एक ऐसा मामला है, जिसके विश्व स्तर पर 300 से भी कम मामले रिपोर्ट किए गए हैं, और एक से अधिक भ्रूण मिलने के मामले तो और भी विरल हैं।
इस घटना ने चिकित्सा विज्ञान की चमत्कारी संभावनाओं को एक बार फिर उजागर किया है और यह दिखाया है कि सही समय पर सही इलाज मिलने पर असाधारण परिस्थितयों में भी जीवन को बचाया जा सकता है।










